एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

दुर्ग| छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16,000 से अधिक कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। आंदोलन के दूसरे दिन मंगलवार को पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था लगभग ठप हो गई। दुर्ग सहित विभिन्न जिलों में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर देखने को मिला।
दुर्ग जिला अध्यक्ष डॉ. आलोक शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों ने पिछले डेढ़ साल में 170 से अधिक बार ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि 27% वेतनवृद्धि, मेडिकल अवकाश और ग्रेड पे को स्वीकृति मिलने के बावजूद आदेश जारी नहीं किए गए, जिससे नाराज कर्मचारी अब आंदोलन को और तेज करने पर मजबूर हैं।
हड़ताल से प्रभावित सेवाएँ
- नवजात शिशु वार्ड, पोषण पूरक केंद्र और डी.ई.आई.सी. बंद
- शुगर, ब्लड टेस्ट, ट्रूनाट, सीबीनाट और नेत्र परीक्षण बाधित
- स्कूल व आंगनबाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण पूरी तरह बंद
- रूटीन टीकाकरण और संस्थागत प्रसव सेवाएँ ठप
- टीबी, मलेरिया, कुष्ठ सहित मौसमी बीमारियों के मरीजों को दवाइयाँ नहीं मिल पा रहीं
- विभागीय ऑनलाइन एंट्री पूरी तरह बंद
ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में अव्यवस्था, कई अस्पतालों में ताले
एनएचएम कर्मचारी संघ ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन पर होगी।














